कर्मवीर का पथ
जीवन का अटल सत्य
गिरकर उठना, उठकर चलना, यह क्रम है संसार का।
कर्मवीर को फर्क न पड़ता, किसी जीत या हार का।
यह क्रम है संसार का, यह क्रम है संसार का॥
कर्मवीर को फर्क न पड़ता, किसी जीत या हार का।
यह क्रम है संसार का, यह क्रम है संसार का॥
जो भी होता है घटनाक्रम, रचता स्वयं विधाता है।
आज लगे जो दंड, वही कल पुरस्कार बन जाता है।
निश्चित होगा प्रबल समर्थन, अपने सत्य विचार का॥
आज लगे जो दंड, वही कल पुरस्कार बन जाता है।
निश्चित होगा प्रबल समर्थन, अपने सत्य विचार का॥
कर्मवीर को फर्क न पड़ता, किसी जीत या हार का।
यह क्रम है संसार का, यह क्रम है संसार का॥
यह क्रम है संसार का, यह क्रम है संसार का॥
कर्मों का रोना रोने से, कभी न कोई जीता है।
जो विष धारण कर सकता है, वह अमृत को पीता है।
संबल और विश्वास ही है, अपने दृढ़ आधार का॥
जो विष धारण कर सकता है, वह अमृत को पीता है।
संबल और विश्वास ही है, अपने दृढ़ आधार का॥
कर्मवीर को फर्क न पड़ता, किसी जीत या हार का।
यह क्रम है संसार का, यह क्रम है संसार का॥
यह क्रम है संसार का, यह क्रम है संसार का॥
त्रुटियों से कुछ सीख मिले तो, त्रुटियाँ हो जातीं वरदान।
मानव सदा अपूर्ण रहा है, पूर्ण रूप होते भगवान।
चिंतन-मंथन से पथ मिलता, त्रुटियों के परिहार का॥
मानव सदा अपूर्ण रहा है, पूर्ण रूप होते भगवान।
चिंतन-मंथन से पथ मिलता, त्रुटियों के परिहार का॥
कर्मवीर को फर्क न पड़ता, किसी जीत या हार का।
यह क्रम है संसार का, यह क्रम है संसार का॥
यह क्रम है संसार का, यह क्रम है संसार का॥
