राष्ट्र जागरण
स्वयं अब जागकर हमको ।
जगाना देश है अपना ।।
जगाना देश है अपना ।।
स्वयं अब जागकर हमको।
जगाना देश है अपना ।।
1
हमारे देश की मिट्टी, हमें प्राणों से प्यारी है ।
यहीं के अन्न जल वायु, परम श्रद्धा हमारी है ।
स्वभाषा है हमें प्यारी, ये प्यारा देश है अपना ।
जगाना देश है अपना........
स्वयं अब जागकर हमको। जगाना देश है अपना ।।
यहीं के अन्न जल वायु, परम श्रद्धा हमारी है ।
स्वभाषा है हमें प्यारी, ये प्यारा देश है अपना ।
जगाना देश है अपना........
स्वयं अब जागकर हमको। जगाना देश है अपना ।।
2
नहीं है अब समय कोई, गहन निद्रा में सोने का ।
समय है एक होने का, न मतभेदों में खोने का ।
बढ़े बल राष्ट्र का जिससे, वो करना मेल है अपना ।
जगाना देश है अपना........
स्वयं अब जागकर हमको। जगाना देश है अपना ।।
समय है एक होने का, न मतभेदों में खोने का ।
बढ़े बल राष्ट्र का जिससे, वो करना मेल है अपना ।
जगाना देश है अपना........
स्वयं अब जागकर हमको। जगाना देश है अपना ।।
3
जतन हो संगठित भारत, सक्रिय भाव भरने का ।
जगाने राष्ट्र की भक्ति, उत्तम कार्य करने का ।
सम उन्नत राष्ट्र हो भारत, यही उद्देश्य है अपना ।
जगाना देश है अपना......
स्वयं अब जागकर हमको। जगाना देश है अपना ।।
जगाने राष्ट्र की भक्ति, उत्तम कार्य करने का ।
सम उन्नत राष्ट्र हो भारत, यही उद्देश्य है अपना ।
जगाना देश है अपना......
स्वयं अब जागकर हमको। जगाना देश है अपना ।।
