प्रार्थना: तू ही राम है
तू ही राम है, तू रहीम है,
तू करीम, कृष्ण, खुदा हुआ।
तू ही वाहेगुरु, तू ईसा मसीह,
हर नाम में तू समा रहा।
तू ही राम है...
तेरी जात पाक कुरान में,
तेरा दरस वेद पुराण में।
गुरु ग्रंथ जी के बखान में,
तू प्रकाश अपना दिखा रहा।
तू ही राम है...
अरदास है कहीं कीर्तन,
कहीं रामधुन, कहीं आवाहन।
विधि-भेद का है यह सब रचन,
तेरा भक्त तुझको बुला रहा।
तू ही राम है...
शब्दार्थ (Glossary)
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| करीम | दयालु, कृपा करने वाला (ईश्वर का एक नाम) |
| जात पाक | पवित्र अस्तित्व या स्वरूप |
| दरस | दर्शन (vision/glance) |
| बखान | वर्णन करना या व्याख्या करना |
| अरदास | प्रार्थना या विनती (मुख्यतः सिख धर्म में प्रचलित) |
| आवाहन | बुलाना या पुकारना (Invocation) |
| विधि-भेद | तरीकों या रीतियों का अंतर |
| रचन | रचना या बनावट |
